मैं चाहता हूं, तुझे..

ये दिल मदहोश है, तेरे प्यार के तरन्नुम में
तू मुझे संवरने दे, अपनी नजरों के आइने में.
मैं चाहता हूं,  तुझे दिल की गहराइयों से
अपने जेहन की दीवारों पर लिखे हैं नाम तेरे.
तू मुझे जी लेने दे, अपने प्यार के साए में
इक टूटे हुए दिल की दुआएं होगी, तेरे दामन में.
तेरी तस्वीरों को हमने, अपनी यादों में सजाया
मेरे सोने के लिए तूने अपना आंचल बिछाया.
तुझे देखकर सोचता हूं, तू ख्वाब है या हकीकत
मैं समर्पित हूं तेरे लिए, जिंदगी हो या मौत का निमंत्रण.
2009 में लिखी एक और कविता को 4 सालों बाद ब्लॉग पर लगाना एक अलग एहसास दे रहा है. 

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