Courtesy_Nandlal Sharma गुजरी हुई जाड़े की उस रात को इन सर्दियों के अकेलेपन में गर्माहट भरने के लिए मैंने कितना संपादित कर दिया है। बिना तुम्हारी इजाजत के... ये गुस्ताखी है। और तुम्हें ना बताना भी। Intestinal Tuberculosis Wali Kahaniya - 5
गंगा का पानी हूं। बहता रहता हूं