Courtesy_Google बाबू !! मुझे भी नहीं पता था कि आज मदर्स डे है। उन्हें भी नहीं पता होगा। वो फेसबुक पर नहीं है। हर रोज वो शाम को ही फोन करते हैं.. लेकिन आज उन्होंने सुबह ही फोन किया और पूछा तुम ठीक हो न.. तबीयत ठीक है ना। पेट में दर्द तो नहीं हो रहा। मैंने कहा, सब ठीक है। उनकी आवाज में एक नरमी थी, ख्याल और एहसास था। मैंने कल शाम उनसे झूठ बोला था.. पिछली शाम को मैं कोलकाता में था। सुबह चार बजे लौटा था और सोया था.. लेकिन हृदय तो जागा ही था..एक आवाज सुनाई दी.. कितनी चिंता करते हैं तुम्हारी ! घर से बाहर दूसरे शहर की इस सुबह आंखें भींग गई। शाम को फेसबुक नोटिफिकेशन्स से पता चला.. आज मदर्स डे है। पिछले 16 सालों से बाबू.. मां की भी भूमिका जी रहे हैं। हैप्पी मदर्स डे बाबू।। Intestinal Tuberculosis Wali kahaniyan - 6
गंगा का पानी हूं। बहता रहता हूं