काले लिबास में लिपटी
वो कली.
वो कली.
सबके दिल को चुराए
उसकी हंसी..
उसकी हंसी..
तीरे-ए-नजर कातिल बनी
वो कली.
वो कली.
मासूमियत भरे चेहरे..
काली जुल्फें और शराबी होंठ.
कितनी हसीन
वो कली..
वो कली..
गंगा का पानी हूं। बहता रहता हूं
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