हवाएं गुदगुदाती है


जाम बनके हर प्याले में नजर आती हो.

नशा बनके हमपे छा जाती..

हर महफिल में बस तू ही तू.

ये मदमस्त हवाएं गुदगुदाती है..

जब याद बनके.

तू हमें रूला जाती हो..

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