मैंने लिखा था डायरी में

'इस दुनिया में जितने भी लोगों ने मेरा मजाक उड़ाया, वे कभी समझ नहीं पाये कि मैं उन्हें प्यार करता था। 
या 
यूं कहूं कि मैंने जिनसे भी प्रेम किया उनसे कभी मजाक नहीं किया। अटूट प्रेम की चाहत में, मैं मजाक से भी डरता था'

27.06.2013

Comments

  1. अच्छा लिखते हैं आप दिल की गहरियों से निकला हुआ सा लगता है आपका लेखन, लेकिन एक उदासी भी है। मगर हो सकता है यही उदासी आपके लिखने की प्रेरणा हो। शुभकामनायें

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    1. शुक्रिया पल्लवी जी..

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